होली पर निबंध (Essay on Holi in Hindi)- होली पर निबंध हिंदी में

होली पर निबंध (Essay on Holi) – त्योहार भारतीय जीवन-शैली का अभिन्न हिस्सा हैं, यहाँ कई तरह के रंग-बिरंगे विविथतापूर्ण त्योहार मनाए जाते हैं। आपसी प्रेम और सौहार्द्र की भावना को मजबूत करने वाला होली का पर्व विशेष महत्व रखता है। विविधतापूर्ण संस्कृति वाले भारत देश के प्रमुख त्योहारों में से होली एक है जो कि जीवन के उत्साह, उल्लास और उमंग को बनाए रखने का काम करता है। होली पर हिंदी निबंध में होली के त्योहार के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी गई है। उम्मीद है कि यह holi ka nibandh (होली का निबंध) उन विद्यार्थियों के लिए भी फायदेमंद होगा जो होली विषय पर निबंध तैयार करना चाहते हैं या होली विषय पर निबंध के लिए सामग्री की तलाश कर रहे हैं।

 होली पर निबंध विषय पर केंद्रित अपने इस लेख में हमने रंगों के त्योहार होली (Festival of colours) के सार को समेटने का प्रयास किया है। पाठक इस हिंदी होली निबंध से जानकारी जुटाकर न केवल भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक होली के बारे में अपनी जानकारी को समृद्ध बनाएँगे बल्कि स्कूलों में अध्ययनरत बच्चे अक्सर परीक्षा में पूछे जाने वाले निबंध के प्रश्न की तैयारी भी कर पाएँगे और होली पर हिंदी निबंध सीख कर परीक्षा में भी उसका लाभ उठा सकेंगे।


होली पर हिंदी निबंध (Essay on Holi in Hindi)

होली का त्योहार कब मनाया जाता है: होली जिसे "रंगो के त्योहार" के नाम से भी जाना जाता है, हिंदुओं के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। फाल्गुन (फागुन) मास की पूर्णमासी के दिन होलिका दहन किया जाता है और इसके अगले दिन चैत्र (चैत) मास की कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा को रंगोत्सव यानि होली का त्योहार मनाया जाता है। वर्ष 2022 में होली कब मनाई जाएगी? इस बार होली 18 मार्च, 2022 को मनाई जाएगी। यह त्योहार दुनिया भर के लोगों द्वारा बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। हालांकि यह हिंदू त्योहार माना जाता है, लेकिन विभिन्न समुदायों के लोग उत्साह और उमंग के साथ बड़ों को भी बच्चा बना देने वाले इस त्योहार में मनोरंजक काम करते नजर आ जाते हैं।


होली निबंध - होली के त्योहार की तैयारी कैसे करें

सब होली के त्योहार के लिए अपने-अपने ढंग से तैयारी में जुट जाते हैं। फागुन मास की शुरुआत ठंड की विदाई का संदेश लेकर आती है और मौसम खुशनुमा होने लगता है। इस त्योहार पर फाग गाने की भी परंपरा रही है, फाग लोकगीतों की बिना कुछ अधूरा सा लगता है। पहले तो लोगों को फाग सुनकर ही ही पता लगता था कि होली आने वाली है। ढोलक, मंजीरे और हारमोनियम के साथ लोग अपने रसीले फाग गायन कौशल से दिल जीत लेते हैं। फाग प्रतियोगिताओं का भी आयोजन इस अवसर पर किया जाता है।

होली पर निबंध (Essay on Holi in Hindi)- होली पर निबंध हिंदी में 


होली के त्योहार को लेकर बच्चों में विशेष उत्साह होता है। वे होलिका दहन के लिए काफी पहले से लकड़ियाँ जुटाने लगते हैं। गाँवों में तो लकड़ियाँ आसानी से मिल जाती हैं पर शहरों के बच्चे घरों के खराब फर्नीचर की तलाश करते हैं और अपने घर के अलावा दूसरों से भी माँगकर व्यवस्था करते हैं। होलिका तैयार करने में सभी लकड़ियों का योगदान करते हैं। महिलाएँ घरों में होली के पर्व के लिए घर पर मिलने आने वाले लोगों के लिए मिठाइयाँ, नमकीन और गुझिया बनाने में जुट जाती हैं। रंग और गुलाल का स्टॉक तैयार किया जाता है। फाल्गुन मास की पूर्णमासी को होलिका दहन के साथ त्योहार की शुरुआत होती है और अगले दिन होली का रंग-बिरंगा त्योहार मनाया जाता है। लोग एक-दूसरे के घर जाकर रंग-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएँ देते हैं। शहरी संस्कृति ने होली मिलन कार्यक्रमों को जन्म दिया है जिसमें राजनैतिक दल, संस्थाएँ होली मिलन कार्यक्रमों का आयोजन करती हैं।


इस दिन लोगों को एक-दूसरे को रंगने-पानी से भिगाने का समझिए लाइसेंस मिला होता है। साथ ही बुरा न मानो, होली है का जुमला यह बताता है कि आज के दिन लोगों को रंग-गुलाल लगाने की छूट है।


होली पर निबंध - होली में रंगों का क्या महत्व है?

होली रंगों का त्योहार है। इसकी पहचान, रौनक और आत्मा इन्हीं रंगों में छिपी है। रंगों से सराबोर चेहरे, कपड़े सभी के चेहरों पर बरबस ही मुस्कान ले आते हैं। बुजुर्गों को भी बच्चा बना देने की ताकत इस त्योहार के रंगों में है। कई तरह की आभा वाले रंग होली के त्योहार की जान हैं।


होली क्यों मनाते हैं - होली का इतिहास

होली की शुरुआत से जुड़ी एक पौराणिक कथा है। विष्णुपुराण की एक कथा के अनुसार असुरराज हिरण्यकश्यप ने अपने राज्य में विष्णु पूजा प्रतिबंधित कर रखी थी। लेकिन उसका पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु का परम भक्त निकला और दिन-रात उनकी भक्ति में लीन रहता। किसी भी तरह से प्रह्लाद को भगवान की भक्ति करने से रोक पाने में असफल रहने पर प्रह्लाद को मारने का आदेश दिया। हाथी के पैरों तले कुचलने और पहाड़ से फेंककर भी जब प्रहलाद को नहीं मार सका तो हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन की होलिका की मदद से प्रह्लाद को जलाकर मारने की योजना बनाई।


होलिका को यह वरदान मिला था कि अग्नि में वह नहीं जलेगी। इसलिए लकड़ियों के ढेर पर वह प्रह्लाद को गोद में लेकर बैठ गई और उसमें आग लगा दी गई। इस होलिका की गोद में बैठा बालक प्रह्लाद भगवान का नाम जपता रहा और उसका बाल भी बाँका नहीं हुआ जबकि वरदान प्राप्त होलिका अपनी दुष्ट इच्छाओं के चलते जलकर भस्म हो गई। बुराई पर अच्छाई की जीत की याद में तभी से होली का त्योहार मनाया जा रहा है।


होली से जुड़ी सामाजिक कुरीतियां

होली जैसे धार्मिक महत्व वाले पर्व को भी कुछ लोग बदनाम करने से नहीं चूकते। कुछ असामाजिक तत्व मादक पदार्थों का सेवन कर आपे से बाहर हो जाते हैं और हंगामा करते नजर आते हैं। कुछ लोग होलिका में टायर जलाते हैं, उनको इस बात का अंदाजा नहीं होता कि इससे वातावरण को बहुत अधिक नुकसान पहुँचता है। कुछ लोग रंग और गुलाल की जगह पर पेंट और ग्रीस लगाने का गंदा काम करते हैं जिससे लोगों को शारीरिक क्षति होने की आशंका रहती है। अगर में होली से इन कुरीतियों को दूर रखा जाए तो होली का पर्व वास्तव में हैप्पी होली बन जाएगा।


होली का त्योहार आकर्षक और मनोहर रंगों का त्योहार है, यह एक ऐसा त्योहार है जो हर धर्म, संप्रदाय, जाति के बंधन की सीमा से परे जाकर लोगों को भाई-चारे का संदेश देता है। इस दिन सारे लोग अपने पुराने गिले-शिकवे भूल कर गले मिलते हैं और एक दूजे को गुलाल लगाते हैं और एक-दूसरे को होली के पावन पर्व की शुभकामनाएँ देते हैं।


होली अंदर के अहंकार और बुराई को मिटा कर सभी के साथ हिल-मिलकर, भाई-चारे, प्रेम और सौहार्द्र के साथ रहने का त्योहार है। बच्चे अपनी इच्छानुसार रंग और गुलाल और पिचकारी खरीदते हैं और लोगों को रंगों से सराबोर करने का आनंद उठाते हैं। हमें इस बात को समझना होगा कि होली मिल-जुलकर, प्रेम से रहने और जीवन के रंगों को अपने भीतर आत्मसात करने का त्योहार है। इसलिए रंगों का प्रयोग सावधानीपूर्वक करना चाहिए और पानी या रंग भरे बैलून चलाने से बचना चाहिए। होली का त्योहार हमें हमेशा सन्मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। होली का त्योहार सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है। इस त्योहार के कारण लोगों में सामाजिक एकता की भावना प्रबल होती है।


होली पर निबंध 10 लाइन (holi essay in hindi 10 lines)

1) होली को रंगों का त्योहार कहा जाता है।


2) होली भारत के सबसे लोकप्रिय त्यौहारों में से एक है।


3) यह त्यौहार विष्णु भक्त प्रह्लाद को असुरों द्वारा आग में जलाने के प्रयास के विफल होने की याद में मनाया जाता है।


4) इस अवसर पर सांकेतिक रूप से होलिका रूपी बुराई को जलाया जाता है और अगले दिन बुराई के अंत और भक्त प्रह्लाद के प्रचंड ज्वाला में जीवित बच जाने का उत्सव एक-दूसरे पर रंग और गुलाल डालकर हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है।


5) बच्चे इस त्योहार पर रंग, गुलाल, पिचकारी और पानी वाले गुब्बारों को लेकर बहुत उत्साहित होते हैं।


6) होलिका रूपी बुराई पर अच्छाई की विजय के लिए सभी भगवान की पूजा करते हैं।


8) इस अवसर पर अपने परिजनों, रिश्तेदारों, दोस्तों और पड़ोसियों पर रंग डालकर इसे मनाया जाता है।


9) होली के अवसर पर भारत में शासकीय अवकाश रहता है। लोग इस त्योहार का बड़े उत्साह के साथ आनंद लेते हैं।


10) यह हिंदुओं के सबसे प्रिय और आनंददायक त्योहारों में से एक है।


होली की शुभकामनाएँ (Holi Greetings in Hindi)

होली की हार्दिक शुभकामनाएँ!


होली का त्योहार आपके जीवन को रंगों से सरोबार करे।


रंगों का त्योहार होली आपके जीवन को रंगीन बनाए!


रंगों का त्योहार आपके जीवन को रंगीन बनाए!


उम्मीद करते हैं कि holi par nibandh hindi mein देने की हमारी कोशिश सफल रहेगी और छात्रों को holi ka nibandh hindi mein पढ़कर वांछित जानकारी मिल गई होगी। रंगों के त्योहार होली का निबंध हिंदी में पढ़ने के बाद इस त्योहार की समग्र समझ विकसित करने में यह लेख मददगार होगा; अब होली पहले से अधिक रंगीन और सुखद होगी ऐसी कामना करते हैं। हैप्पी होली!


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Frequently Asked Question (FAQs) - होली पर निबंध (Essay on Holi in Hindi)- होली पर निबंध हिंदी में Class 1 से 10 तक के लिए यहाँ देखें

प्रश्न: होली का त्योहार क्यों मनाया जाता है?

उत्तर: यह त्यौहार भगवान विष्णु के भक्त प्रह्लाद को असुरों द्वारा आग में जलाने के प्रयास के विफल होने की याद में मनाया जाता है। इस अवसर पर सांकेतिक रूप से होलिका रूपी बुराई को जलाया जाता है और अगले दिन बुराई के अंत और भक्त प्रह्लाद के प्रचंड ज्वाला में जीवित बच जाने का उत्सव एक-दूसरे पर रंग और गुलाल डालकर हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है।

प्रश्न: वर्ष 2022 में होली कब मनाई जाएगी?

उत्तर: होली 18 मार्च, 2022 को मनाई जाएगी।

प्रश्न: होली को और किस नाम से जाना जाता है?

उत्तर: होली को रंगों का त्योहार कहा जाता है। कुछ जगह इसे धुलेड़ी या धुलेंडी, धुरखेल, धुरड्डी, धूलिवंदन और चैत बदी भी कहा जाता है।

प्रश्न: होली में रंगों का क्या महत्व है?

उत्तर: होली की पहचान, रौनक और आत्मा रंगों में छिपी है। रंगों से सराबोर चेहरे, कपड़े सभी के चेहरों पर बरबस ही मुस्कान ले आते हैं। बुजुर्गों को भी बच्चा बना देने की ताकत इस त्योहार के रंगों में है। कई तरह की आभा वाले रंग होली के त्योहार की जान हैं।

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